डरपोक हो तुम

Saturday, November 29, 2008

सच का सामना करने से बचते हो तुम
जो भी हो डरपोक हो तुम

बस निर्दोष पे वार करते हो तुम
जो भी हो डरपोक हो तुम

सामने आते नेही, छुप छुप के निशाना लगाते हो
कहते हो शेर का, पर चूहे का दिल रखते हो तुम
जो भी हो डरपोक हो तुम

ग़लत करके भी ख़ुद पे गर्व करते हो तुम
जो भी हो डरपोक हो तुम

इंसानियत को शर्मिन्दा करते हो तुम
जो भी हो डरपोक हो तुम

अपनो से पूछो वे क्या सोचते हैं तुम्हारे बारे में
यही सोचते हैं, की बहुत डरपोक हो तुम

- Courtesy: Radio Mirchi

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